विभागीय पदोन्नति में टीईटी अनिवार्यता का विरोध, शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन

विभागीय पदोन्नति में टीईटी अनिवार्यता का विरोध, शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन
शिक्षक संघ ने शासन से प्रावधान पर पुनर्विचार की मांग की
सुकमा। विभागीय पदोन्नति में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता का विरोध करते हुए छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ की जिला इकाई सुकमा ने शुक्रवार को कलेक्टर के माध्यम से शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने इस प्रावधान को शिक्षकों के हितों के विपरीत बताते हुए शासन से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री शैलेन्द्र सिंह भदौरिया के निर्देशानुसार जिला इकाई के पदाधिकारी एवं सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां अपर कलेक्टर शबाब खान को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा आयोग के अध्यक्ष, शिक्षा सचिव एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विभागीय पदोन्नति के लिए कार्यरत शिक्षकों की सेवा अवधि, अनुभव एवं विभागीय पात्रता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य बनाने से पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित होगी और अनेक पात्र शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो सकते हैं।
संघ ने शासन से मांग की कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभागीय पदोन्नति में टीईटी अनिवार्यता के प्रावधान पर पुनर्विचार किया जाए तथा सेवा अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कोषाध्यक्ष सीताराम सिंह राणा, जिला सचिव महेश सिंह शोरी, सुकमा ब्लॉक एवं तहसील अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार डेनियल, संगठन मंत्री रजनीश कुमार सिंह, सह-सचिव सी.एच.व्ही. राव, महिला प्रकोष्ठ की पदमा वर्मा, उपाध्यक्ष कुसुम शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सरस्वती सिंह, सुमति निलांबर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।



