टेट मुक्ति रैली निकाल सैकड़ों शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

टेट मुक्ति रैली निकाल सैकड़ों शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
सुकमा। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक के आह्वान पर मंगलवार को सुकमा जिला मुख्यालय में टेट मुक्ति रैली एवं एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एकजुटता का परिचय दिया और मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांगपत्र संयुक्त कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुकमा श्री सूरज कश्यप को सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला संचालक श्री आशीष राम एवं श्री उमेंद गोटी ने किया। सुबह से ही जिले के विभिन्न विकासखंडों से शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और रैली के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। रैली के बाद धरना स्थल पर सभा आयोजित की गई, जहां शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा।
टेट अनिवार्यता हटाने की उठी प्रमुख मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के लिए पदोन्नति एवं सेवा सुरक्षा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य बनाए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, ताकि उनकी सेवा एवं पदोन्नति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया 5 सूत्रीय मांगपत्र
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
– कार्यरत शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्ति प्रदान की जाए।
– शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को जोड़ते हुए पूर्ण पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवा लाभ दिए जाएं।
– वेतन विसंगति समाप्त कर केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वेतन लागू किया जाए।
– 13 फरवरी 2026 को जारी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शिक्षक हित में आवश्यक संशोधन किए जाएं।
– अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स के माध्यम से बी.एड. की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुनिश्चित हो सके।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा उग्र आंदोलन
जिला संचालक आशीष राम ने कहा कि शिक्षक वर्षों से अपनी न्यायोचित मांगों को शासन के समक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो शिक्षक संघर्ष मोर्चा उग्र आंदोलन एवं अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
वहीं जिला संचालक उमेंद गोटी ने कहा कि जिले के शिक्षक पूरी तरह एकजुट हैं और आगे की रणनीति भी तैयार है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई है, जिसे पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे उपस्थित
धरना-रैली में चैतू राम सेठिया, किरण मरकाम, राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा, दूजाल पटेल, नरेंद्र धुर्वे, मनोज पोया, मनेश्वर जुर्री, अनुपम नाग, विमला ध्रुव, जागीर खान, डी. गोपाल, सीताराम कटतम, अल्बर्ट टोप्पो, फिरोज खान, परिणीता कश्यप, पूजा कोसरिया, लक्ष्मी यादव, संतोष सोरी, सुरेश सोरी, वैशाली झंवर, सपना सामंत, राजेश सोनकर, गीता सोढ़ी, मौलिका खान, आकाश कनोजिया, निखिल सुना सहित जिलेभर के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी। वहीं मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




