बड़ी लापरवाही: सड़क मरम्मत में लापरवाही पर PWD सख्त, ठेकेदार शेख फारुख का अनुबंध निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा।

सड़क मरम्मत में लापरवाही पर PWD सख्त, ठेकेदार शेख फारुख का अनुबंध निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा
सुकमा। लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) उप संभाग सुकमा ने सड़क मरम्मत कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने वाले एक ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है। विभाग ने संबंधित ठेकेदार का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त करने तथा उसे ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में दर्ज करने के लिए कार्यपालन अभियंता को प्रस्ताव भेजा है।
अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग (भ/स) उप संभाग सुकमा द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि उपसंभाग सुकमा के अंतर्गत सुकमा-झापरा-मलकानगिरी मार्ग, ट्रांजिट हॉस्टल पहुंच मार्ग तथा सुकमा टाउन मार्ग (लगभग 11.60 किलोमीटर) में डब्ल्यूएमएम (WMM) एवं पैच रिपेयर का कार्य समय पर नहीं किया गया।
पत्र के अनुसार उक्त कार्य का अनुबंध वर्ष 2026-27 के लिए जारी किया गया था। विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदार को कई बार लिखित रूप से निर्देश दिए गए। इसके अलावा चार अलग-अलग पत्र जारी किए गए तथा अंत में कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार ने सड़क मरम्मत कार्य प्रारंभ करने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
विभाग ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण संबंधित मार्गों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। सड़कों की खराब स्थिति से जनसुविधा प्रभावित हो रही है और विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय समाचार पत्रों एवं मीडिया में लगातार सड़कों की बदहाली को लेकर खबरें प्रकाशित हो रही हैं, जिससे विभाग की सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है।
विभाग के अनुसार, अनुबंध की शर्तों के तहत कार्यादेश जारी होने के 40 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ठेकेदार ने केवल लगभग 5 प्रतिशत कार्य ही किया है। साथ ही विभागीय मानकों के विपरीत एवं गुणवत्ताहीन कार्य किए जाने की भी बात पत्र में कही गई है।
इन सभी तथ्यों को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी ने संबंधित ‘स’ वर्ग के ठेकेदार श्री शेख फारुख के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए कार्यपालन अभियंता को भेजे प्रतिवेदन में उनका वर्तमान अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त करने तथा भविष्य में विभागीय कार्यों से वंचित करने के लिए ब्लैकलिस्ट में दर्ज करने की सिफारिश की है।
अब इस मामले में अंतिम निर्णय कार्यपालन अभियंता स्तर पर लिया जाएगा। यदि अनुशंसा पर स्वीकृति मिलती है तो संबंधित ठेकेदार का अनुबंध समाप्त होने के साथ ही उसे विभागीय काली सूची में भी शामिल किया जा सकता है।




