कोलापारा में उफान पर नदी बनी आफत, एक दिन पहले डूबने से हुई मौत के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

कोलापारा में उफान पर नदी बनी आफत, एक दिन पहले डूबने से हुई मौत के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
कुआकोंडा/दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत टिकनपाल के अंतर्गत आने वाले कोलापारा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नदी एक बार फिर लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते आज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। नदी में तेज बहाव और पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए हैं और दैनिक जरूरतों के लिए भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
इस घटना ने ग्रामीणों के मन में एक दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। इसी नदी को पार करने के दौरान गायतापारा में एक ग्रामीण की डूबने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं किए जाने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में वर्षों से पक्के पुल की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं, जिससे हर साल हादसों की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने और आवश्यक सामान लाने-ले जाने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में पूरा इलाका मानो टापू में तब्दील हो जाता है।
चुनावी वादे साबित हुए खोखले
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि हर चुनाव के दौरान नेता गांव पहुंचकर नदी पर पक्का पुल बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही सभी आश्वासन भूल जाते हैं। वर्षों से सिर्फ घोषणाएं और आश्वासन मिलते रहे, जबकि धरातल पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण कराया गया होता तो लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती और कई हादसों को रोका जा सकता था।
ग्रामीणों ने की तत्काल पुल निर्माण की मांग
लगातार हो रही घटनाओं और बढ़ती परेशानियों को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कोलापारा और गायतापारा क्षेत्र को जोड़ने वाली नदी पर जल्द से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यदि अब भी गंभीरता नहीं दिखाई गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।




