ठेकेदार की बड़ी लापरवाही! एक दिन में उखड़ी सड़क मरम्मत, फिर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग
ठेकेदार की बड़ी लापरवाही! एक दिन में उखड़ी सड़क मरम्मत, फिर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग
रिपोर्टर, बालक राम यादव
सुकमा। सुकमा से दंतेवाड़ा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बारिश के मौसम में सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण आम नागरिकों, यात्रियों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं, जिसके चलते मरम्मत का कार्य एक दिन भी टिक नहीं सका और सड़क दोबारा पहले जैसी जर्जर हो गई।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में बारिश का पानी जमा होकर छोटे-छोटे तालाब जैसी स्थिति बना देता है। पानी भर जाने से सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालक अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक बन गया है।
हाल ही में संबंधित विभाग द्वारा सड़क के गड्ढों को सीमेंट-गिट्टी से भरकर मरम्मत का कार्य कराया गया था। लेकिन मरम्मत के अगले ही दिन अधिकांश स्थानों पर कांक्रीट उखड़ गई और सड़क फिर से बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मरम्मत कार्य केवल औपचारिकता निभाने के उद्देश्य से किया गया। यदि कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुसार होता, तो सड़क इतनी जल्दी दोबारा खराब नहीं होती। लोगों का आरोप है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
वाहन चालकों ने बताया कि बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है और कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
सब इंजीनियर मरकाम का बयान
इस मामले में संबंधित विभाग के सब इंजीनियर मरकाम ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण में मरम्मत कार्य में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आई हैं। उनके अनुसार, ठेकेदार द्वारा घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग करने तथा कार्य में अनियमितताएं बरतने के कारण मरम्मत टिक नहीं सकी। उन्होंने बताया कि इसी कारण संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और आगे की कार्रवाई विभागीय जांच के आधार पर की जाएगी।
जांच और स्थायी मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा सड़क की मरम्मत भारतीय सड़क निर्माण मानकों के अनुरूप दोबारा कराई जाए। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी महत्वपूर्ण सड़क पर इस प्रकार की लापरवाही से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि आम लोगों की जान भी जोखिम में पड़ रही है।
संतोष कुमार स्थानीय नागरिक ने कहा कि ऐसे लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार खिलाफ कार्रवाई करते हुए भुगतान को रोक लगाते हुए पुनः मरम्मत कार्य कराया जाए।




