छत्तीसगढ़

वीएसके ऐप की तकनीकी खामियां दूर किए बिना वेतन काटने का आदेश गलत: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन

वीएसके ऐप की तकनीकी खामियां दूर किए बिना वेतन काटने का आदेश गलत: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन

ऑफलाइन उपस्थिति पंजी के सत्यापन और पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने की मांग, आदेश का किया कड़ा विरोध

रिपोर्ट | बालक राम यादव
सुकमा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने वीएसके (VSK) ऐप के आधार पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर वेतन आहरण करने तथा कम उपस्थिति पर वेतन काटने संबंधी निर्देश का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि ऐप में मौजूद तकनीकी समस्याओं को दूर किए बिना इस तरह की कार्रवाई शिक्षकों के साथ अन्याय है।

जिला अध्यक्ष आशीष राम ने कहा कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में वीएसके ऐप में लोकेशन, नेटवर्क और उपस्थिति दर्ज होने जैसी कई तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। कई शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचने के बावजूद ऐप में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है। ऐसे में केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन काटने का निर्णय उचित नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब विद्यालयों में शिक्षक प्रतिदिन ऑफलाइन उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, तो उसका सत्यापन किए बिना केवल ऐप के आधार पर वेतन कटौती कैसे की जा सकती है? एसोसिएशन ने मांग की है कि पहले विद्यालयों के उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि प्रदेश के अधिकांश शिक्षकों ने निजी डेटा सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के बावजूद अपने निजी मोबाइल में वीएसके ऐप इंस्टॉल किया है। इसके बावजूद तकनीकी खामियों के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि यदि ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य करनी है तो पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की जाए।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय पदाधिकारी राजेश यादव, उपाध्यक्ष चैतू सेठिया, कोमल देव मरकाम, सचिव किरण मरकाम, सोन सिंह कश्यप, फिरोज खान, अशोक मिस्त्री, मनोज पांडे, मेन सिंह धुर्व, ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा (सुकमा), दुजाल पटेल (छिंदगढ़), शंकर लाल नेताम (कोंटा) सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी आदेश की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षक बायोमेट्रिक उपस्थिति का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण वीएसके ऐप के आधार पर वेतन काटना पूरी तरह अनुचित है।

एसोसिएशन ने शासन से मांग की है कि प्रदेशभर में एक समान व्यवस्था लागू करते हुए सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की जाए तथा वीएसके ऐप की तकनीकी समस्याएं दूर होने तक उसके आधार पर किसी भी शिक्षक का वेतन न रोका जाए और न ही वेतन कटौती की जाए।

विज्ञापन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!