देवरपल्ली में बच्ची के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, ग्रामीणों के विरोध के बाद दोरनापाल में ईसाई रीति से दफनाया गया।

देवरपल्ली में बच्ची के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, ग्रामीणों के विरोध के बाद दोरनापाल में ईसाई रीति से दफनाया गया।
जनजातीय परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर बना विवाद, गांव में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल
संवाददाता: बालक राम यादव
सुकमा। जिले के ग्राम पंचायत गोरगुंडा के आश्रित ग्राम देवरपल्ली में एक बच्ची के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला उस समय सामने आया जब ईसाई धर्म स्वीकार कर चुके एक परिवार ने गांव में ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने की तैयारी की, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
बताया जा रहा है कि मांडवी पोदिया (पिता–मुया) की पुत्री का निधन होने के बाद परिजन गांव में अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम पटेल, पुजारी, पेरमा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव की पारंपरिक जनजातीय मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक व्यवस्था का पालन किया जाना चाहिए, इसलिए उन्होंने इसका विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों के विरोध के बाद संबंधित परिवार बच्ची के शव को गांव से दोरनापाल ले गया। वहां ईसाई धर्म की परंपरा के अनुसार बच्ची का अंतिम संस्कार (दफन) किया गया।
घटना के दौरान गांव में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने इसे गांव की परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा विषय बताया। वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखने की जानकारी मिली है।




