छत्तीसगढ़

स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस का अभियान शुरू, भाजपा सरकार पर जमकर बरसे हरीश कवासी

स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस का अभियान शुरू, भाजपा सरकार पर जमकर बरसे हरीश कवासी

2 अगस्त से घर-घर जाकर भरवाए जाएंगे फॉर्म, बिजली बिल, बस्तर पंडूम और आदिवासी विकास के मुद्दों पर सरकार को घेरा

सुकमा। जिला मुख्यालय स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले भाजपा ने 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत की कमाई को स्मार्ट मीटर के जरिए लोगों की जेब से निकाला जा रहा है।

जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपये देने का प्रचार किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर बिजली बिल और अन्य माध्यमों से लोगों से उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्मार्ट मीटर का लगातार विरोध कर रही है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की भाजपा सरकार ने भी स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार किया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को भी स्मार्ट मीटर हटाने का निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी 2 अगस्त से बूथ, वार्ड और पंचायत स्तर पर घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने का अभियान शुरू करेगी। इन फॉर्मों के माध्यम से बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनसमर्थन जुटाया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर प्रदर्शन, विधानसभा घेराव और राज्य कांग्रेस कमेटी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जाएगी।

प्रेसवार्ता में हरीश कवासी ने बस्तर पंडूम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के नाम पर सरकार आत्मप्रचार कर रही है। राष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट अतिथियों के कार्यक्रमों के दौरान टेंट, पंडाल और अन्य व्यवस्थाओं में करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जबकि आदिवासी समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि आदिवासी युवाओं को दिल्ली ले जाने या राष्ट्रपति से मुलाकात कराने से उनकी बेरोजगारी दूर नहीं होगी। सरकार को दिखावे के बजाय विकास योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बस्तर पंडूम और इससे पहले आयोजित बस्तर ओलंपिक में भी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया और कहा कि खेल सामग्री व अन्य खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।

हरीश कवासी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने नक्सल मुक्त होने वाली प्रत्येक पंचायत को एक-एक करोड़ रुपये देने का वादा किया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बड़े आयोजनों और प्रचार पर खर्च कर रही है, जबकि पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आदिवासियों को केवल कार्यक्रमों की शोभा बनाने के बजाय उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीरता से कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार बस्तर की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है और विकास के नाम पर केवल प्रचार कर रही है।

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