छत्तीसगढ़

तेंदूपत्ता संग्राहकों के चेहरे खिले, 40.72 करोड़ रुपए सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में

तेंदूपत्ता संग्राहकों के चेहरे खिले, 40.72 करोड़ रुपए सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में

42 हजार से अधिक तेंदुपत्ता संग्राहकों को मिला लाभ

रिपोर्टर, बालक राम यादव
सुकमा। जिले में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने रिकॉर्ड समय में भुगतान की प्रक्रिया को गति देते हुए अब तक ₹40.72 करोड़ से अधिक की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में अंतरित कर दी है। वर्ष 2026 में कुल 46,620 संग्राहकों के लिए ₹46.04 करोड़ के भुगतान का प्रावधान किया गया है, जिसमें 88.45 प्रतिशत भुगतान पहले ही पूरा हो चुका है। इससे मानसून शुरू होने से पहले हजारों वनाश्रित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।

डीएफओ श्री अक्षय भोंसले के अनुसार इस वर्ष सुकमा जिले में 83,710 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया। वन विभाग ने पूरी भुगतान प्रक्रिया को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से संचालित किया है। 11 जुलाई 2026 तक 42,178 संग्राहकों के खातों में राशि सीधे पहुंच चुकी है, जबकि शेष पात्र हितग्राहियों का भुगतान भी जुलाई माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

तेंदूपत्ता से मिलने वाली आय सुकमा के ग्रामीण और वनाश्रित परिवारों की आर्थिक रीढ़ मानी जाती है। समय पर भुगतान मिलने से किसान खरीफ सीजन के लिए बीज, उर्वरक और कृषि उपकरण खरीद पा रहे हैं, वहीं अभिभावक बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, गणवेश और अन्य शैक्षणिक जरूरतें भी आसानी से पूरी कर रहे हैं। करोड़ों रुपये सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पहुंचने से स्थानीय बाजारों, छोटे व्यापारियों और सेवा क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं।

वन विभाग का कहना है कि शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के लिए शेष प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और वनाश्रित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पहल ने सुकमा को तेंदूपत्ता भुगतान के क्षेत्र में एक प्रभावी और जनहितकारी मॉडल के रूप में स्थापित किया है, जिससे संग्राहकों का भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है।

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