ग्राम सभा का बड़ा फैसला: अवैध चर्च निर्माण, प्रार्थना सभाओं और कथित धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग।

ग्राम सभा का बड़ा फैसला: अवैध चर्च निर्माण, प्रार्थना सभाओं और कथित धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग।
रिपोर्टर, बालक राम यादव
कोंटा,सुकमा। विकासखंड कोंटा के ग्राम पंचायत एर्राबोर में आयोजित ग्राम सभा में गांव में संचालित कथित अवैध चर्च निर्माण, बिना अनुमति प्रार्थना सभाओं तथा कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के बिना गांव में किसी भी प्रकार की प्रार्थना सभा, चंगाई सभा अथवा बाहरी धार्मिक गतिविधियों का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासन से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमति एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए एक से अधिक चर्च अथवा प्रार्थना स्थलों का संचालन किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन स्थलों पर बाहरी लोगों का लगातार आना-जाना रहता है, जिससे गांव की शांति, सुरक्षा और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं आदिवासी समुदाय के लोगों को स्वास्थ्य लाभ, चमत्कार, रोजगार अथवा आर्थिक सहायता जैसे प्रलोभन देकर तथा मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्राम सभा में वक्ताओं ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से गांव की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस विषय पर कार्रवाई नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
ग्राम सभा ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित स्थल की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बिना अनुमति संचालित प्रार्थना सभाओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा यदि कोई निर्माण अवैध पाया जाता है तो प्रचलित कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार का अवैध धर्मांतरण या अन्य गैरकानूनी गतिविधि प्रमाणित होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की भी मांग की गई।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, पंच, सरपंच, पटेल एवं पुजारी उपस्थित रहे। ग्राम सभा ने अपने प्रस्ताव में गांव की शांति, सामाजिक सौहार्द और आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही तथा प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया।




