छत्तीसगढ़

सर्व आदिवासी समाज ने भव्य सभा का आयोजित कर रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

सर्व आदिवासी समाज ने भव्य सभा का आयोजित कर रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

संवाददाता: बालक राम यादव

सुकमा: जिले के जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करते हुए सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के आदेशित अनुसार धरना प्रदर्शन किया गया है।

प्रमुख रूप से पेसा कानून का पालन करने के लिए सवाल किए जा रहे हैं,कि जो आदिवासी धर्मकोड हो एवं अनेक प्रमुख मांगे हैं,दरअसल में हमारी प्रमुख पांच सूत्रीय मांगे हैं जो कि शिक्षण व्यवस्था को संबंध में जो हर शिक्षण संस्था में पढ़ने का जो शिक्षकों को आदेश दिया है कि हमारे समाज के लोग प्रदेश स्तर से बहुत सारे मूल समाज के लोग हैं तो समय-समय पर हमारे जो समाज के लोगों ने जल जंगल के पूजक है, जिससे 10 प्रकार के मंत्र पाठ का विरोध कर रहे हैं, जहां सभी सर्व आदिवासी समाज बंद करने का विरोध कर रहे हैं।
जिससे रामा सोडी ने उन्होंने कहा कि सभी बस्तर रहवासी मूलवासी है जिससे अलग अलग रिति-रिवाज में रहते हैं लेकिन सभी मूलवासी के रूप में निवासरत है,जैसा राउत धाकड़,पनारा,लोहार, कुम्हार, एवं पिछड़े वर्ग आरक्षण में आने वाले को भी मूलवासी मानते हैं जिससे सभी को एकता माना जाता है।

इनकी प्रमुख मांगे इस प्रकार है।

दिनांक 12 जून 2026 को जारी उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

शासकीय विद्यालयों में किसी भी धर्म, संप्रदाय अथवा पंथ विशेष की प्रार्थना, मंत्र, वंदना अथवा
धार्मिक अनुष्ठान को अनिवार्य न किया जाए।

विद्यालयों में संचालित प्रार्थना, नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों को संविधान,
लोकतंत्र, समानता, बंधुत्व, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित
किया जाए।

आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं, संस्कृति, इतिहास, पारंपरिक ज्ञान एवं संविधान सम्मत
सांस्कृतिक विविधता को सम्मानजनक स्थान प्रदान किया जाए।

शिक्षा संबंधी नीतियों एवं आदेशों के निर्माण से पूर्व सभी समुदायों, शिक्षाविदों, आदिवासी
प्रतिनिधियों एवं हितधारकों से व्यापक परामर्श सुनिश्चित किया जाए।

विज्ञापन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!