बड़ी सवाल: आंधी तूफान से पीड़ितों को आज पर्यंत मुआवजा नहीं मिला, पीड़ितों ने भारी समस्याओं का सामना कर रहे,प्रशासन मौन, पूरी खबर पढ़िए।

आंधी तूफान से पीड़ितों को आज पर्यंत मुआवजा नहीं मिला, पीड़ितों ने भारी समस्याओं का सामना कर रहे,प्रशासन मौन।
संवाददाता, बालक राम यादव
सुकमा: जिले के अंतर्गत कई गांव में अचानक आई तूफान ने दो से तीन बार हाहाकार मचाकर पेड़,पोल, मकानों की छत-विक्षत की थी साथ ही विद्युत व्यवस्था को डप्प की थी, फिलहाल भी विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रही है।
आपको बता दें कि तूफान आए एक महीना बीत चूकी है, मुआवजा नहीं मिला जिसको लेकर कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
जल्द से जल्द प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवारों को राहत देने की गई मांग।
इस दौरान मौजूद रहे जिला मुख्यालय के समस्त सरपंच वार्ड पंच जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी नगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता।
पिछले महीने सुकमा जिले में आए भीषण आंधी-तूफान से सैकड़ों गरीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। घटना को 30 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक पीड़ित परिवारों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत मिलने वाली प्राकृतिक आपदा राहत राशि नहीं मिली है। इसी समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि चक्रवात से जिले के विभिन्न गांवों में कच्चे-पक्के मकान तहस-नहस हो गए थे। पटवारियों ने मौके पर जाकर मुआयना कर पंचनामा भी तैयार कर लिया, लेकिन शासन के निर्देश अनुसार 7 दिन के भीतर मिलने वाली राहत राशि आज एक माह बाद भी पीड़ितों के खाते में नहीं पहुंची है।
मानसून की मार से लोग परेशान।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मानसून शुरू हो चुका है और कई परिवार टूटी छतों के नीचे या प्लास्टिक तानकर रहने को मजबूर हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बारिश में भीग रहे हैं। पीड़ित परिवार बार-बार तहसील और जनपद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
हरीश कवासी ने कहा कि गरीब आदिवासी परिवारों को उनका हक मांगने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पटवारी बोलते हैं ऊपर से पैसा नहीं आया, बाबू बोलते हैं फाइल रुकी है। अगर समय पर राहत नहीं मिली तो किसी दिन कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
इनकी चार सूत्रीय मांगे।
आरबीसी 6-4 के तहत स्वीकृत मुआवजा राशि तत्काल सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते में जमा कराई जाए।
जिन गांवों का मुआयना शेष है, वहां 3 दिन के भीतर टीम भेजकर पंचनामा बनाकर भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाए।
आंधी तूफान से पीड़ितों को आज पर्यंत मुआवजा नहीं मिला, पीड़ितों ने भारी समस्याओं का सामना कर रहे,प्रशासन मौन।
बारिश से बचाव के लिए प्रभावित परिवारों को तिरपाल और अस्थायी शेड की तत्काल व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने का आश्वासन देते हुए एक हफ्ते के भीतर राहत पहुंचाने की बात कही गई है।
कांग्रेस ने कहा कि यदि निर्धारित समय में राहत नहीं मिली तो मजबूरन आगे का रास्ता अपनाते हुए उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।




