सुकमा में वर्षों से बंद पड़े वाटर एटीएम, मरीज और यात्री महंगा पानी खरीदने को मजबूर-दीपक।

सुकमा में वर्षों से बंद पड़े वाटर एटीएम, मरीज और यात्री महंगा पानी खरीदने को मजबूर-दीपक।
निर्दलीय पार्षद दीपक नेताम ने उठाया सवाल, 7 दिन में व्यवस्था सुधारने की मांग
संवाददाता, बालक राम यादव
सुकमा। सुकमा नगर पालिका के निर्दलीय पार्षद दीपक नेताम ने जिले में वर्षों से बंद पड़े शुद्ध पेयजल वाटर एटीएम की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत आम जनता को मात्र ₹2 प्रति लीटर की दर से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर एटीएम स्थापित किए गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये कई वर्षों से बंद पड़े हैं।
पार्षद ने बताया कि जिला अस्पताल सुकमा के सामने स्थापित वाटर एटीएम लंबे समय से बंद है। अस्पताल में प्रतिदिन इलाज के लिए आने वाले सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें मजबूरीवश बाजार से ₹20 प्रति लीटर की बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। वहीं बस स्टैंड सुकमा में लगा फिल्टर प्लांट भी वर्षों से बंद होने के कारण दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भी महंगा पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दीपक नेताम ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों द्वारा मशीनों के रखरखाव और मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजना लापरवाही और खराब रखरखाव के कारण निष्प्रभावी हो गई है, जिससे सबसे अधिक नुकसान गरीब एवं आदिवासी क्षेत्र के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि दोनों वाटर एटीएम को सात दिनों के भीतर चालू कराया जाए, मशीनों के नियमित मेंटेनेंस एवं पानी की गुणवत्ता की मासिक जांच सुनिश्चित की जाए तथा मशीनों पर शिकायत नंबर और TDS रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।
पार्षद ने कहा कि वे जिला कलेक्टर अमित कुमार के कार्यों से प्रभावित हैं और उन्हें विश्वास है कि वे इस जनहित के मुद्दे को प्राथमिकता से संज्ञान में लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल सुकमा जिले के गरीब लोगों को शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।




