सुकमा में ‘गौ सम्मान आह्वान’: गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने उठी मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सुकमा में ‘गौ सम्मान आह्वान’: गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने उठी मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर: बालक राम यादव
सुकमा। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को आस्था, जनजागरण और गौ-वंश संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य ‘गौ सम्मान आह्वान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग उठाई गई। गायत्री मंदिर से एसडीएम कार्यालय तक निकाली गई विशाल शोभायात्रा में जिलेभर से 500 से अधिक गौ-भक्त शामिल हुए। विशेष बात यह रही कि नक्सलगढ़ माने जाने वाले दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे गायत्री मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं भजन-कीर्तन के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बाद में गायत्री मंदिर से एसडीएम कार्यालय तक गाजे-बाजे और जयघोष के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में तख्तियां लेकर गौ-वंश संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग से जुड़े संदेश देते हुए आगे बढ़े। गौमाता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने आमजन को गौ-वंश के संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति में उसके महत्व के प्रति जागरूक किया।
एसडीएम कार्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात कर गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने सहित गौ-वंश संरक्षण से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर कलेक्टर को गौमाता के गोबर से निर्मित धूप एवं अन्य स्वदेशी उत्पाद भी भेंट किए गए।
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और विशेष पहलू यह रहा कि दशकों से नक्सली हिंसा से प्रभावित अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए। बीते लगभग 30 वर्षों से बंद पड़े केरलापेंदा स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर के पुजारी एवं उनके सहयोगियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
आयोजकों ने कहा कि गौ-वंश संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक कृषि और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम का समापन गौ-सेवा और जनजागरण का संकल्प लेकर किया गया।




