ग्रामीणों का संकल्प: जल, जंगल और जमीन बचाने को लेकर विशाल ग्रामीण बैठक, माइनिंग का किया विरोध।

ग्रामीणों का संकल्प: जल, जंगल और जमीन बचाने को लेकर विशाल ग्रामीण बैठक, माइनिंग का किया विरोध।
संवाददाता, बालक राम यादव
सुकमा। जिले के तोंगपाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लेदा में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा क्षेत्र में प्रस्तावित माइनिंग गतिविधियों के विरोध को लेकर एक विशाल ग्रामीण बैठक आयोजित की गई। बैठक में तोंगपाल क्षेत्र सहित आसपास के दर्जनभर ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक में सर्व आदिवासी समाज के जिला संरक्षक कोसा मरकाम को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। इस दौरान क्षेत्र में प्रस्तावित माइनिंग परियोजनाओं और उनसे पर्यावरण, आजीविका तथा आदिवासी संस्कृति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि किसी भी परिस्थिति में क्षेत्र की जल, जंगल और जमीन को प्रभावित करने वाली माइनिंग गतिविधियों अथवा निजी कंपनियों को अपनी भूमि और पहाड़ियों का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सर्वेक्षण कार्य को अनुमति नहीं दी जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी पंचायतें एकजुट होकर संघर्ष करेंगी। ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए भविष्य में भी सामूहिक निर्णय और आंदोलन की रणनीति अपनाने का संकल्प लिया।
सामूहिक बैठक में दर्जनों पंचायत के ग्रामीण मौजूद।
बैठक में ग्राम पंचायत कनकापाल, लेदा, सौतनार, चिड़पाल, सगुनघाट, जैमर, हमीरगढ़, इलेंगनार, टाहकवाड़ा, कुमाकोलेंग, चीउरवाड़ा और चितलनार के जनप्रतिनिधियों सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि “जल, जंगल और जमीन हमारी पहचान है, इसकी रक्षा के लिए हम एकजुट हैं।”
“लेदा में माइनिंग के खिलाफ आदिवासी समाज और ग्रामीण एकजुट, जल-जंगल-जमीन बचाने का लिया संकल्प”
माइनिंग परियोजना का रोक लगाने की संकल्प।
दर्जनभर पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रस्तावित माइनिंग परियोजनाओं का विरोध, सर्वे कार्य नहीं होने देने का ऐलान।




