सुकमा जिला अस्पताल–कलेक्टर रोड पर चार घंटे का धरना, सड़क, लाइट और पानी की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग

सुकमा जिला अस्पताल–कलेक्टर रोड पर चार घंटे का धरना, सड़क, लाइट और पानी की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग
सुकमा। जिला मुख्यालय में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं को लेकर सोमवार को जिला अस्पताल से कलेक्टर कार्यालय मार्ग पर चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क की जर्जर स्थिति, स्ट्रीट लाइटों की कमी और पेयजल संकट को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई तथा इन समस्याओं के शीघ्र और स्थायी समाधान की मांग की।
धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और कहा कि वर्षों से इन बुनियादी समस्याओं के कारण आम लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिला अस्पताल और कलेक्टर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क बदहाल है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि सड़क के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से रात के समय लोगों को अंधेरे में आवाजाही करनी पड़ती है। इससे दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि पूरे मार्ग पर आधुनिक एवं पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं, ताकि नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने पेयजल समस्या को भी गंभीर बताते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गर्मी और बारिश दोनों मौसम में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में नगरपालिका परिषद सुकमा के वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद दीपक नेताम, बस्तरियां युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेश नाग तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला अध्यक्ष सोलोमन गांडा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि जनता की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इन मुद्दों पर अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सड़क की मरम्मत एवं निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए, पूरे क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं तथा पेयजल व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए। साथ ही संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रमुख मांगें
– सड़क की जर्जर स्थिति का स्थायी समाधान एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण।
– पूरे मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था।
– स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
– नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों पर प्रशासन तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करे।




