नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई बोल्ट एक्शन राइफल और 49 जिंदा कारतूस बरामद, भेज्जी क्षेत्र में संयुक्त सर्च ऑपरेशन सफल

नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई बोल्ट एक्शन राइफल और 49 जिंदा कारतूस बरामद, भेज्जी क्षेत्र में संयुक्त सर्च ऑपरेशन सफल
संवाददाता, बालक राम यादव
सुकमा। सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना भेज्जी क्षेत्र के ग्राम बोधराजपदर के जंगलों में सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन और भेज्जी पुलिस की संयुक्त टीम ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियार एवं भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) श्री रोहित शाह (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विश्वसनीय स्थानीय सूचना के आधार पर 3 अगस्त 2026 को थाना भेज्जी क्षेत्र के ग्राम बोधराजपदर के जंगलों में नक्सलियों द्वारा हथियार एवं गोला-बारूद छिपाकर रखने की सूचना मिली।
सूचना के बाद सीआरपीएफ 50वीं बटालियन की ई कंपनी के सहायक कमांडेंट श्री नीरज कुमार, डीआईजी (ऑप्स) कोन्टा श्री राजेश पाण्डेय तथा 50वीं वाहिनी के सेनानी श्री प्रेमजीत कुमार के मार्गदर्शन में सीआरपीएफ और भेज्जी पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष सर्च अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान एफओबी एलारमडगु से संयुक्त बल रवाना हुआ और संदिग्ध क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कैंप एलारमडगु से लगभग 2.8 किलोमीटर दूर जंगल में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक डंप बरामद किया गया। डंप से एक .315 बोर बोल्ट एक्शन राइफल, 7.62×39 मिमी के 47 जिंदा कारतूस, 7.62×51 मिमी के 2 जिंदा कारतूस तथा एक एल्यूमिनियम कंटेनर बरामद किया गया। इस प्रकार कुल 49 जिंदा कारतूस सुरक्षा बलों के हाथ लगे।
पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने सतर्कता के साथ क्षेत्र की तलाशी ली और कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद सभी जवान सुरक्षित कैंप एलारमडगु लौट आए।
सुकमा पुलिस ने बताया कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, नक्सलियों की मौजूदगी या उनसे संबंधित कोई सूचना मिले तो उसकी जानकारी तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।




