मलेगेर नदी में कलश विसर्जन के साथ नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन का भव्य समापन, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया भंडारा प्रसाद

मलेगेर नदी में कलश विसर्जन के साथ नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन का भव्य समापन, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया भंडारा प्रसाद
रिपोर्टर, बालक राम यादव
सुकमा। जिले के ग्राम पंचायत मुरतोंडा के आश्रित पारा गोलागुडा के गंगनादई एवं दुलारदई के मंदिर प्रांगण में नौ दिनों तक श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ चल रहे कलश स्थापना एवं पूजा-अर्चना कार्यक्रम का सोमवार को भव्य समापन हुआ। नौ दिनों तक विधि-विधान से स्थापित पवित्र कलश का विसर्जन मलेगेर नदी में पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए।
सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। पूजा-अर्चना और हवन के बाद कलश यात्रा निकाली गई। भजन-कीर्तन, जयकारों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु कलश लेकर मलेगेर नदी पहुंचे। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से कलश का विसर्जन किया गया। पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों से क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।
कलश विसर्जन के पश्चात आयोजन समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर प्रसादी भोजन ग्रहण किया। भंडारे में आसपास के गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। नौ दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, सहयोगकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कलश विसर्जन और भंडारा प्रसाद के साथ नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन का श्रद्धापूर्वक एवं सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इस अवसर पर इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुजारी,गिरधर यादव, पुजारी, अर्जून यादव, सिराह,उडकूडा सहयोग, रघुनाथ,कमल,आयतू




