दूरस्थ गांवों पिड़मेल, नरसापुरम और तोंगपल्ली तक पहुंचा प्रशासन,ग्रामीणों को मौके पर मिले जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र।

दूरस्थ गांवों पिड़मेल, नरसापुरम और तोंगपल्ली तक पहुंचा प्रशासन,ग्रामीणों को मौके पर मिले जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र।
त्वरित सुविधा मिलने से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
संवाददाता,बालक राम यादव
सुकमा/ जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ एवं संवेदनशील ग्राम पिड़मेल, नरसापुरम और तोंगपल्ली में आयोजित सुशासन तिहार शिविरों ने शासन की जनहितकारी पहल को नई मजबूती प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के तहत प्रशासन स्वयं ग्रामीणों के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस पहल के प्रति उनके विश्वास और उत्साह को दर्शाया। वर्षों से बुनियादी दस्तावेजों एवं शासकीय सेवाओं के लिए भटकने वाले लोगों को अब गांव में ही सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
शिविरों के दौरान आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था भी की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया। इस पहल से ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा शासन की सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को मजबूती मिल रही है।
सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं के वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सरोकारों का भी सशक्त माध्यम बना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई तथा बच्चों के अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे ग्रामीणों में आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण बना। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ अंचलों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ समावेशी विकास एवं जनकल्याण की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं।




