छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने पांच सुत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने पांच सुत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संवाददाता, बालक राम यादव
सुकमा: जिले के छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपनी जायज़ पांच सुत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर शबाब खान को ज्ञापन सौंपा।
संघ के प्रबंधकारिणी द्वारा लिये गये निर्णय एवं संघों की सहमति अनुसार मोदी की गारंटी के नाम से कर्मचारियों के लिये की गयी घोषणा को लागू करने हेतु ध्यानाकर्षित करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया है।
10 जून 2026,बुधवार को भोजनावकाश में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपनी इन मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संघ की अपनी जायज़ पांच सुत्रीय मांगे।
विदित हो कि राज्य के छ.ग. राज्य विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा अधिकारी एवं अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को केन्द्र की तिथि 01 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत
किया गया है, किन्तु प्रदेश के लगभग 4.50 लाख अधिकारी एवं कर्मचारियों को उक्त लाभ से
वंचित रखा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केन्द्रीय कर्मचारियों की
भांति देय तिथि से महंगाई भत्ता तथा पेंशनरों को महंगाई राहत दिया जावे एवं डी.ए. एरियर्स
की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित किया जावे।
विधान सभा के बजट सत्र में माननीय वित्त मंत्री द्वारा कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिये कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई है, किन्तु अभी तक नियम निर्देश जारी नहीं किये
गये हैं, कर्मचारी हित में आदेश तत्काल जारी किया जावे।
केन्द्रीय कर्मचारियों एवं मध्यप्रदेश के कर्मचारियों की भांति सेवानिवृत्ति पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी 240 दिन के स्थान पर 300 दिनों का अवकाश नगदीकरण आदेश जारी किया जावे।
संविदा, दैनिक, अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जावे तथा मध्यप्रदेश की
भांति सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किया जावे।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए शिक्षक एल.बी. संवर्ग को समस्त सेवा का लाभ
दिया जावे।




