बड़ी सवाल: लौह अयस्क से निकली लाल मिट्टी जहर को सुकमा में थौपा जा रहा, जिम्मेदार प्रशासन मौन।

लौह अयस्क से निकली लाल मिट्टी जहर को सुकमा में थौपा जा रहा, जिम्मेदार प्रशासन मौन।
संवाददाता, बालक राम यादव
सुकमा: जिले में बैलाडीला की लाल मिट्टी को सुकमा में अवैध खेल लौह अयस्क से निकली मिट्टी का परिवहन कर जगह-जगह दो वर्ष से अधिक हुआ और कई हजारों टन जहरीली लाल मिट्टी को किया जा रहा डंप।
आपको बता दें कि लौह अयस्क से निकली ज़हरीले मिट्टी सबसे बड़ी खतरनाक पैदा कर सकती हैं ज्ञात हो कि जहां डंपिंग की जा रही है उक्त स्थान से शबरी नदी लगभग 200 से 300 मीटर दूरी पर स्थित है, जिससे नदी में बहने वाली पानी को भी जहरीला कर सकती हैं जिससे पालतू पशुओं एवं पानी में रहने वाले जीवों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।
फिर भी जिम्मेदार प्रशासन अनदेखी करते हुए क्यो मौन है सबसे बड़ी सवाल खड़ा कर रही है।
बैलाडीला से सुकमा तक लाल मिट्टी का अवैध परिवहन, प्रशासन मौन
लौह अयस्क की लाल मिट्टी सुकमा में डंप, अवैध कारोबार पर उठ रहे सवाल।
सुकमा में लाल मिट्टी डंपिंग का बड़ा मामला, बैलाडीला से हो रहा परिवहन
बैलाडीला की लाल मिट्टी से भर रहे सुकमा के मैदान गड्ढे खोदकर डंपिंग की जा रही एक वर्ष पहले पक्ष विपक्ष के जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने जांच की मांग एवं कार्रवाई की मांग तेज उठी थी लेकिन अभी फिलहाल ठंडे बस्ते में गहरी निद्रा में पढ़ें हुए हैं।
ज़हरीली लाल मिट्टी से फसलों, जल स्रोतों और वन्य जीव-जंतुओं पर मंडरा रहा खतरा।
लाल मिट्टी का अवैध डंपिंग बना पर्यावरण के लिए खतरा, फसलों एवं जीव-जंतुओं पर पड़ सकता है गंभीर असर।
ज़हरीली लाल मिट्टी से कृषि भूमि बंजर होने और जीव-जंतुओं के प्रभावित होने की आशंका जताई पर्यावरण विभाग सुकमा के द्वारा कागजो में वैध बता कर मौन साधी हुई है, जिम्मेदार प्रशासन कुंभकर्ण के निद्रा से कब जागती है या ऐसा ही लाल ज़हर का खेल जारी रहेगा।




