अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भय से कांपते थे लोग आज बच्चों के गीत व कविताओं से गूंज रहा।

अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भय से कांपते थे लोग आज बच्चों के गीत व कविताओं से गूंज रहा।
डोलेरास आश्रम में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव।
रिपोर्टर, बालक राम यादव
सुकमा: नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला अतिसंवेदनशील क्षेत्र सुकमा जिले के डोलेरास गांव आज बच्चों के आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना की मिसाल बन रहा है।
बालक आश्रम डोलेरास के वार्षिकोत्सव में नन्हे बच्चों ने नृत्य, नाट्य और कविताओं के जरिए यह दिखा दिया कि अब यहां डर नहीं, सपने पल रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अधिवक्ता दीपिका शोरी ने आश्रम को मॉडल हॉस्टल घोषित करने की मांग की।
बालक आश्रम डोलेरास का वार्षिकोत्सव इस बार केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संदेश बन गया।
नन्हे बच्चों ने नृत्य, नाट्य और कविताओं के माध्यम से शिक्षा, एकता और उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया।
बच्चों की मासूम अदायगी और आत्मविश्वास ने साफ कर दिया कि यह आश्रम अब संस्कार और संबल का केंद्र बन चुका है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अधिवक्ता दीपिका शोरी ने आश्रम की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसका श्रेय अधीक्षक शेषमणी दुबे को दिया।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहते हुए भी आश्रम की सुविधाएं कमजोर नहीं हुईं, बल्कि हर साल और बेहतर होती है पिछले दस वर्षों में मैंने डोलेरास को बदलते देखा है। आज यहां बच्चों की आंखों में डर नहीं, सपने हैं
“मैं जिला प्रशासन से आग्रह करूंगी कि इस आश्रम का विजिट कर इसे जिले का मॉडल हॉस्टल घोषित किया जाए, ताकि अन्य आश्रम भी इससे प्रेरणा ले सकें।”
बच्चों को संबोधित करते हुए दीपिका शोरी ने उन्हें सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देने और आत्मनिर्भर बनने की सीख दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों को इतना सशक्त बनना है कि वे किसी भी वर्ग से आगे बढ़कर अपनी पहचान बना सकें।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य हूँगाराम मरकाम, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष अन्नू मण्डावी, जनपद सदस्य बुधराम, सरपंच लक्ष्मण मुचाकी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों की भागीदारी ने यह साफ कर दिया कि डोलेरास अब भय नहीं, विश्वास और विकास की पहचान बन चुका है।
डोलेरास से उठी यह तस्वीर बताती है कि जब शिक्षा और समर्पण साथ चलते हैं, तो नक्सल प्रभावित क्षेत्र भी उम्मीद का केंद्र बन सकते हैं।




