छत्तीसगढ़

महिला आरक्षण 33 प्रतिशत विधेयक सितम्बर 2023 लागू करें – गीता कवासी

महिला आरक्षण 33 प्रतिशत विधेयक सितम्बर 2023 लागू करें – गीता कवासी

रिपोर्टर बालक राम यादव
सुकमा: जिले के महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती गीता कवासी ने केंद्र सरकार को आरोप लगाते हुए कहा कि 17 अप्रैल 2026 को विशेष सत्र लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन
विधेयक लाया गया था, जिसमें 54 वोट से विधेयक गिरा। माननीय प्रधानमंत्री जी एवं डबल इंजन की सरकारें इसे नारी शक्ति का अपमान से जोड़कर इसे महिलाओं के बीच भ्रम फैला रह हैं, जबकि पूर्व में ही महिला आरक्षण 33 प्रतिशत का बिल विधेयक लोकसभा में 20 सितम्बर 2023 को पास किया गया। जिसमें विपक्ष के तमाम कांग्रेस, सपा, तृणमुल कांग्रेस, डी.एम.के. एवं अन्य दलों ने पूर्ण रूप से समर्थन कर नारी शक्ति का सम्मान किया गया। उक्त बिल को आगामी लोकसभा आम चुनाव 2029 में लागू करना चाहिए। ना कि संविधान संशोधन 131वां के
बहाने देश का परिसीमन के बहाने बांटने का प्रयास करना चाहिए। केन्द्र सरकार वर्तमान में
जातिगत जनगणना कर दलित, ओ.बी.सी. एवं आदिवासियों का आरक्षण को वास्तविक आरक्षण
लाभ दिलाना चाहिए ।
भाजपा परिसीमन बिल के बहाने देश को सिर्फ जनसंख्या का केंद्र बिन्दु मानकार दक्षिण
भारत को लोकसभा में कमजोर करना चाहती हैं। डबल इंजन की सरकार में मणिपुर, हाथरस,
उन्नाव जैसी अनेक घटनाएँ है जिसमें भाजपा महिला मोर्चा शांत खामोश रही है मणिपुर में
महिलाओं का निर्वस्त्र कर घुमाया गया। हाल ही में बीजापुर जिले में भैरमगढ़ में सामुहिक बलात्कार हो रहे हैं, इस पर महिला मोर्चा BJP क्यू चूप है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस मांग करती है कि भाजपा सरकार तत्काल प्रभाव से 33
प्रतिशत आरक्षण लागू करें न कि परिसीमन का इंतजार । महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का विरोध प्रदर्शन करना पूरी तरह से निराधार है।
कांग्रेस पार्टी कल भी आरक्षण के समर्थन में थी और आज भी है कांग्रेस का मुख्य विरोध
बिल को परिसीमन और जनगणना से जोड़ने को लेकर है, महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है।
डबल इंजन की सरकार में 42 सांसद और मंत्रियों के ऊपर बलात्कार और नारी उत्पीड़न के
केश चल रहे हो और जिनके ऊपर एप्सटीन फाइल में यौन शोषण के मामला सामने आया हो,नारी सम्मान का ढोल पीट रहा है, ये किसी अतिश्योक्ति से कम नहीं।
हमारी मुख्य मांग डबल इंजन की सरकार तत्काल महिला आरक्षण 33 प्रतिशत विधेयक
सितम्बर 2023 लागू करें।

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