फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे व्यक्तियों को कठोर कार्रवाई करने की मांग की-गांडा।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे व्यक्तियों को कठोर कार्रवाई करने की मांग की-गांडा।
रिपोर्टर, बालक राम यादव
सुकमा: जिले के जिला अध्यक्ष सैलोमन गांडा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छत्तीसगढ़ शासन मुख्य सचिव के नाम आवक जावक शाखा में ज्ञापन दी,चैनल इंडिया समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के मुताबिक विगत कई वर्षों से सुकमा जिले में ऐसे अनेक शासकीय कर्मचारी कार्यरत हैं, जो फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवाओं में नियुक्त होकर वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण ऐसे मामलों में
लगातार वृद्धि होती जा रही है, जो अत्यंत चिंताजनक विषय है। पूर्व में भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वाले 36 कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिनमें से केवल 4 कर्मचारियो 1. सवलम गिरीश, 2. सवलम रानी, 3. वर लक्ष्मी और 4. यशवंत राव पर ही कार्यवाही की गई, जबकि
शेष 32 कर्मचारी (समाचार पत्र एवं कर्मचारियों की सूची संलग्न) आज भी किसी भी प्रकार की जांच अथवा कार्रवाई से वंचित हैं और निर्बाध रूप से सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसे फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले कर्मचारियों के कारण सुकमा जिले के योग्य, शिक्षित एवं पात्र स्थानीय युवा बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं। जबकि यह एक सच्चाई है कि इस
जिले की शिक्षा व्यवस्था बड़े शहरों की तुलना में सीमित संसाधनों वाली है, इसके बावजूद यहां के युवाओं ने
विषम परिस्थितियों में भी स्वयं, अभिभावकों अथवा ऋण लेकर न्यूनतम 10 वीं से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर,डिग्री / डिप्लोमा, कंप्यूटर शिक्षा, आईटीआई, नर्सिंग इत्यादि की पढ़ाई पूर्ण की है।
यहां के युवा कार्यालयों में भृत्य से लेकर लिपिक एवं अन्य पदों की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा एवं क्षमता के साथ निभाने में सक्षम हैं। यदि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वाले कर्मचारियों पर जांच उपरान्त नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाती है, तो कई पद रिक्त होंगे, जिससे जिले के बेरोजगार युवाओं को पुनः रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्त समस्त कर्मचारियों की जाति प्रमाण पत्रों का उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।




