आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओ ने दी चेतावनी,मांगे पूरी नहीं होने से राजधानी की ओर कूच करेंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओ ने दी चेतावनी,मांगे पूरी नहीं होने से राजधानी की ओर कूच करेंगे।
रिपोर्टर, बालक राम यादव
सुकमा: जिलामुख्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओ के द्वारा दो दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए तीन सूत्रीय मांगों को लेकर भारी संख्या में रैली प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर परिसर पहुंच कर अपनी जायज मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ के बुनियादी सुविधाओ की मांग की जा रही है
उन्होंने ने कहा कि देश में आइसीडीएस की स्थापना हुए और आंगनबाड़ी केन्द्रो में हमे कार्य करते हुए 50 वर्ष हो चूकी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग देश भर मे स्थापना के गोल्डन जुबली ईयर मना रही है।
देश का अमृत काल है। महिला एवं बाल विकास के हर योजना को हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहने घर-घर, गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। साथ ही SIR के कार्य, कोविड महामारी और निर्वाचन कार्यो में भी हमारी अहम भूमिका रही है।
लेकिन इन 50 वर्षो में केन्द्र सरकार की ओर से कार्यकर्ता को प्रतिमाह रूपये 4500/- और सहायिका को रूपये 2250/- मात्र ही मानदेय प्रदाय किया जा रहा है। इसे किसी भी स्थिति में जीवन यापन के लायक वेतन नहीं कहा जा सकता। ये श्रम नियमो के विपरीत है।
उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2018 के बाद से कोई भी राशि की वृद्धि नहीं की गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में वर्तमान सरकार द्वारा इन दो वर्षो मे किसी भी प्रकार के ना तो मानदेय में वृद्धि की गई है और ना ही कोई अन्य सुविधा प्रदान की है।
देश के लगभग 28 लाख और छत्तीसगढ़ के एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ मे काफी आक्रोश व्याप्त है।
इन मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।
शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे -जिस तरह से शिक्षा कर्मि, पंचायत कर्मियो को नीति बनाकर नियमित किया गया, उसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को भी शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग।
न्यूनतम वेतन प्रदाय किया जावे – शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतिमाह रूपये 26000/- एवं सहायिका को रूपये 22100/- वेतन स्वीकृत करने की मांग
मध्यप्रदेश के तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000/- रूपये की वृद्धि करने की मांग।
समाजिक सुरक्षा – बुढ़ापे के सहारा के लिये समाजिक सुरक्षा के रूप में सेवानिवृत्ति और आकस्मिक मृत्यु पर एक मुश्त ग्रेज्युटी/मासिक पेशन और समूह बीमा का लाभ दिया जावे। इसके लिए नीति बनाई जावे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के प्रान्तीय आह्वान पर ध्यानाकर्षण करने हेतु छत्तीसगढ़ के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो में 26 फरवरी एवं 27 फरवरी 2026 दो दिवस काम बंद कर सभी जिलो में धरना, रैली प्रदर्शन कर ज्ञापन दी गई।
08 मार्च तक हमारी मांगो की पूर्ति नहीं होने की स्थिति मे संयुक्त मंच द्वारा आंदोलन को
विस्तार करते हुए 09 मार्च 2026 को एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाए रायपुर राजधानी पहुंचकर विधान सभा का घेराव करेंगे।



